
काजल एक पढ़ीलिखी लड़की थी। उसके मातापिता की इकलौती बेटी थी काजल। इसीलिए उसे बड़े प्यार से पाला था। वो जो भी चाहती उसे तुरंत मिल जाता। शायद इसी कारण वो थोड़ी घमंडी हो गई थी। सुंदर और आत्मविश्वास से भरी काजल को देखते ही अमन को उससे प्यार हो गया। और दोनों ने शादी करने का फैसला किया। उनके घरवालों ने भी उनकी पसंद को हामी भरते हुए उन दोनों की शादी करवा दी। काजल और अमन एक अच्छी शादीशुदा जिंदगी जी रहे थे।
आज काजल को किसी पार्टी मे जाना था। वो काफी देर से तैयार थी। पर अमन अभीतक घर नहीं आए थे। काजल इंतज़ार कर रही थी। आज वो अमन के साथ वो उसकी ऑफीस की पार्टी में जाने वाली थी। जो उसके नए बॉस के स्वागत के लिए उसके ऑफीस वालो ने अरेंज की थी। इसीलिए काजल आज जरा ज्यादा ही अच्छी तरह से तैयार हुई थी। उसने आज अपनी सबसे महंगी वाली साड़ी पहनी थी। और उसपर डायमंड का नेकलेस जो अमन ने उसे उसके जन्मदिन पर तोहफे में दिया था वो पहना था। उसपर हेवी मेकअप किया था। तैयार होकर वो अमन का इंतज़ार ही कर रही थी की तभी अमन भी घर पे आ गया। अमन ने उसे देखा तो बस देखता ही रह गया।
” क्या बात है काजल। आज तो तुम कहर ढा रही हो।” अमन ने कहा।
” तो…आज हमे आपकी ऑफिस पार्टी में जाना है तो थोड़ा स्टेटस मेंटेन तो करना ही पड़ेगा ना। ताकि मैं आपके सभी दोस्तो की बीवियों में सबसे अच्छी लगूं। अब जल्दी से तैयार हो जाइए। पहले ही आपने घर आने में देर कर दी है।” काजल ने कहा।
” मै अभी दस मिनट में तैयार होकर आता हूं।” अमन ने कहा।
अमन तैयार होकर आ गया और दोनों पार्टी के लिए निकलने लगे। ऐसे में ही शांता काकी जो उनके घर में सालो से काम करती थी वो भी काम निपटा घर के लिए निकल रही थी। उनको देख कर काजल के कहा।
” अरे काकी…इतनी जल्दी सब निबटा लिया आपने…आज मैं थोड़ी व्यस्त क्या हो गई आपको तो जैसे काम में लापरवाही का बहाना मिल गया…मैं पार्टी से आने के बाद ठीक से देखूंगी की आपने काम सही से किया है या नही…”
अमन के सामने डांट सुनकर शांता काकी एकदम चुप सी वही खड़ी रही। उन्होंने जैसे तैसे काजल से कहा…
” नही बहुरानी…मैने सारा काम ठीक से ही किया है…बस आपने कहा था ना की आपको जल्दी ही पार्टी के लिए निकलना है तो जरा जल्दी जल्दी हाथ चलाया…”
” ठीक है… आप जाइए अब…हमे भी लेट हो रहा है….”
काजल ने कहा। शांता काकी तुरंत ही बाहर निकल गई। उनके जाते ही अमन ने काजल से कहा।
” यार काजल…शांता काकी बहोत पहले से हमारे घर पर काम करती है…आजतक उन्होंने कभी भी शिकायत का कोई मौका नहीं दिया…यहातक की मां भी उनसे बड़े ही आदर से बात करती थी…तुम कम से कम उनसे अच्छे से बात ही कर लिया करो…”
” देखिए…आपको पता नही इनसे इतनी हमदर्दी क्यों है…पर ऐसे छोटे लोगो से ऐसे ही बात करनी पड़ती है… वरना ये अपने आपको हमारे बराबर समझा करेंगे…और फिर हमारे स्टेटस का क्या होगा…इनमे और हम में फर्क ही क्या रह जायेगा…” काजल ने कहा।
काजल की बात सुनकर अमन चुप हो गया। क्योंकि काजल को समझाने का कोई फायदा नही था। उसकी अपनी सोच थी जिसको अमन ने काफी बदलने की कोशिश की पर कोई फायदा नही हुआ। इसीलिए अमन ने अब काजल को समझाना ही छोड़ दिया था।
अमन ने गाड़ी निकाली और पार्टी में वो दोनो वक्त पर पहुंच गए। पार्टी काफी शानदार थी। मेहमान अभी आ ही रहे थे। अमन अपने कुछ दोस्तों से बात करने चला गया। काजल की एक सहेली भी आई थी। तो वो भी उसके साथ बात करने में व्यस्त हो गई।
कुछ देर बाद उन लोगो के पास औरत आई। वो मानो काजल से ही बात करने आई थी। उसने एक सिम्पल सी साड़ी पहनी थी। और मेकअप भी काफी सिम्पल था। उसे देखकर काजल को लग रहा था मानो जैसे उसने इस औरत को पहले कही देखा है। फिर उसे थोड़ा बहोत याद आया के ये तो उसके मायके वाले घर के काम करने के लिए जो कामवाली आती उसकी बेटी शालिनी थी। वो एक दो बार मां के साथ उसके घर भी आई थी। जिसके साथ काजल ने कभी भी ढंग से बात नहीं की थी।
उसके बाद तो उसने काजल के घर जाना तो लगभग बंद ही कर दिया था। कुछ सालो बाद उसकी मां ने भी काम पर आना बंद कर दिया था। उसके बाद उसने शालिनी के बारे में कभी कुछ सुना नही। आज अचानक उसे यहां देखकर काजल ने सोचा कि न जाने कैसे कैसे लोगो को पार्टी में इनवाइट किया है। शालिनी काजल के पास आकर काजल से कुछ कहने जा ही रही थी काजल उसे नजरंदाज कर वहां से जाने लगी।
वो नही चाहती थी के किसी साधारण दिखने वाली औरत के साथ बात करके वो उसकी सारी सहेलियों में हसी का पात्र बन जाए। और जब सब लोग जानेंगे की शालिनी उसके घर पर आने वाली काम वाली की बेटी है तो सब लोग उसके स्टेटस का मजाक उड़ाएंगे। काजल के स्वभाव से भलीभांति परिचित शालीनी भी उसके मनोभाव भांप कर अब वहा से दूर जाकर किसी और से बात करने लगी।
जब पार्टी में लगभग सारे मेहमान आ गए तब किसीने सबसे नए बॉस का परिचय करवाया। काजल ने देखा कि थोड़ी देर पहले उसने जिस शालिनी को एक कामवाली की बेटी समझकर नजरंदाज किया था वही शालिनी उसके पति अमन की नई बॉस है। काजल को ये जानकर काफी हैरानी हुई। बॉस होकर भी शालिनी इतने सादे कपड़ों में आई थी।
काजल ने थोड़ी देर पहले शालिनी से बात भी नहीं की थी। शालिनी को देखकर वो परेशान भी थी और हैरान भी। इसीलिए काजल को अब बहोत बुरा लग रहा था। शालिनी ने अपने स्वागत के इतनी अच्छी व्यवस्था करने के लिए सबको शुक्रिया कहा और सबकी हौसला अफजाई भी की। उसकी फर्राटेदार अंग्रेजी सुनकर काजल पूरी तरह से शॉक रह गई थी। उसने कभी नही सोचा था की एक कामवाली बाई की बेटी जिंदगी में इतनी ज्यादा तरक्की कर सकती है।
थोड़ी देर बाद जब सभी लोग पार्टी में खाना खा रहे थे तब काजल थोड़ी असहज होकर शालिनी के पास गई। और शालीनी से धीरे से कहा।
” मुझे माफ कर दो शालिनी… मुझे पता नहीं था की तुम ही…मतलब आप ही अमन की नई बॉस हो…”
उसकी बात सुनकर बड़ी ही शालीनता से शालिनी ने कहा।
” अगर तुम्हे पहले पता होता तो क्या करती…?”
काजल को शालिनी से इस सवाल की उम्मीद नहीं थी। फिर भी वो हिचकिचाते हुए बोली।
” तो मैं तुमसे…मतलब आपसे अच्छे से बात करती…”
” तो तुम अभीभी वही काजल हो जो लोगो के स्टेटस देखकर उनसे बात करती हो…” शालिनी ने कहा।
इसके बाद काजल ने कुछ नही कहा। फिर शालिनी ने आगे कहा।
” देखो काजल…तुम पहले मेरे साथ जैसा भी व्यवहार थी उसे मैंने तुम्हारा बचपना समझ कर पहले ही भुला दिया था…मगर उम्र के इस पड़ाव में भी अगर तुम अपनी वही सोच कायम रखती हो…और इंसान के पहनावे और आर्थिक स्तर देखकर उनसे बात करना पसंद करती हो तो मुझे लगता है की तुम अभी भी बचपना ही कर रही हो…मुझे तो इस बात से ना तब फर्क पड़ा था ना ही अब फरक पड़ा है…पर फिर भी एक सहेली के तौर पर मैं तुमसे यही कहना चाहूंगी की तुम अपने नजरिए से निकल कर सब से मिल जुल कर रहोगी तो शायद और ज्यादा खुश रहोगी…” शालिनी ने कहा।
तभी अमन का एक सहकर्मी वहा अपनी पत्नी को लेकर आया और शालिनी से उसका परिचय करवाया। शालिनी भी अब काजल से ध्यान हटाकर उस सहकर्मी की पत्नी से बड़ी ही सहजता से बात कर रही थी। उसकी बातो में ना ही अपने रुतबे का कोई घमंड था ना ही रौब। बाते करते हुए वो खिलखिलाकर हस भी रही थी। उसे देखकर काजल आज अपने आपको बहोत ही छोटा महसूस कर रही थी। क्योंकि उसने कभी भी किसी से दिल खोलकर यू बाते ही नही की थी। हमेशा सामने वाले का स्टेटस देखकर गिनी चुनी बाते करने वाली काजल को आज समझ में आ गया था की उसकी इस आदत के कारण उसने कितने ही दोस्तो से किनारा कर लिया था और कितने ही रिश्ते नाते पीछे छोड़ दिए थे। आज उसे अपने व्यवहार पर शर्म आ रही थी। इसीलिए मन ही मन उसने खुद को बदलने की ठान ली थी। पार्टी से घर तक जाते हुए वो एकदम चुप सी थी। अचानक से काजल को क्या हो गया इसी सोच में अमन गाड़ी चला रहा था।
दूसरे दिन जब शांता काकी घर पर आई तो काजल ने उनसे कहा।
” काकी…काम तो होता रहेगा…आज आप बैठ कर मेरे हाथ की चाय पीजिए…”
काजल की बात सुनकर अमन और शांता काकी दोनो को ही अपने कानो पर मानो विश्वास ही नहीं हो रहा था। पर काजल ने उन दोनो पर ध्यान ना देते हुए किचन से फटाफट उन तीनो के लिए चाय बनाई और लेकर भी आ गई। शांता काकी और काजल आज ऐसे बात कर रहे थे जैसे के रोज बाते करते आए हो। शांता काकी काजल को अमन के बचपन की कुछ बाते बताती और काजल भी उन बातो को सुनकर खिलखिला कर हस रही थी। और अमन सुकून से अपनी काजल का ये बदला रूप निहार रह था।
समाप्त।
